जानें थायराइड बीमारी के बारे में पूरी जानकारी और बचने के उपाय

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Symptoms or signs of Thyroid : थायराइड(Thyroid) सामान्य बीमारी है। एक सर्वे के मुताविक हमारे देश में हर 10 में से 1 व्यक्ति थायराइड रोग से ग्रसित है। सबसे ज्यादा महिलाएं इस रोग से पीड़ित होती हैं। महिलाओं में वजन बढ़ने की बड़ी वजह भी थायराइड रोग होता है। Thyroid बीमारी के बारे में हमारे देश लोग ज्यादा जागरूक नहीं हैं। आज हम विस्तार से थायराइड बीमारी के बारे में समझाने की कोशिश करते हैं कि Thyroid Desease क्या हैं इसके Syptoms क्यां हैं-

थायराइड क्या होता है-what is  Thyroid

Thyroid गले में श्वांस नली के ऊपर एवं स्वर यंत्र के दोनों ओर दो भागों में बनी हुई एक ग्रंथी होती है। इसका आकार तितली के जैसा होता हैं। यह ग्रंथि शरीर में दो तरह के हार्मोन T3 व T4 बनाती है। थायराइड ग्रंथि शरीर में होने वाली बहुत चीजों( नींद, पाचन तंत्र, मटाबोलिस्म, चयापचय, लिवर की कार्यप्रणाली, शरीर का तापमान) नियंत्रित करती हैं।

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थायराइड की समस्या क्या होती हैं-

थायराइड बीमारी का यदि समय से उपचार न कराया जाये तो इससे घेंघा जैसी छोटी बीमारी से लेकर जानलेवा कैंसर तक हो सकता हैं। इस बीमारी में दो तरह की समस्यायें होती हैं जानते इनके वारे में विस्तार से-

हाइपोथाइरॉइडिस्म (Hypothyroidism)

इस रोग में थायरइड ग्रंथि में थायराइड हार्मोन्स कम बन पाते हैं, जिस कारण Body का Proccess धीमा पड़ जाता है यानि शरीर कम ऊर्जा उत्पन्न करता हैं। जिस कारण व्यक्ति का Metabolism Slow हो जाता हैं।

हाइपोथाइरॉइडिस्म के लक्षण-Symptoms of hypothyroidism

थायराइड के कई लक्षण उम्र बढने से जुड़े लक्षणों से मेल खाते है फिर भी कुछ सामान्य लक्षण इस प्रकार हैं-

  •  बालों का झड़ना
  • कब्ज
  • थकावट महशूस होना
  • डिप्रेशन
  • Thyroid gland में सूजन
  • वजंन का बढ़ना
  • मांसपेशियों में तनाव
  • भूख का कम लगना
  • ज्यादा ठंड लगना
  • याददाश्त कम होना
  • मासिक कम आना

Hypothyroidism का पता कैसे चलता हैं – thyroid symptoms test 

इस बामारी के बारे में जानने के लिए कुछ ब्लड टेस्ट कराने पड़ते हैं जिससे हार्मोंन का लेवल पता लगाया जाता हैं

  • T4 (thyroxine)
  • Thyroid ultrasound
  • Thyroid scan
  • Thyroid-stimulating hormone (TSH)

हाइपोथाइरॉइडिस्म का इलाज-Treatment of hypothyroidism

इस बीमारी के हो जाने पर आप एक अच्छे डाक्टर से सलाह जरूर लें कुछ घरेलू उपाय इस प्रकार हैं-

1-कोकोनट ऑयल थायरॉइड ग्लांड्स को क्रियाशील करके हार्मोंस के स्तर को बनाए रखने में सहायता करता है. इसके लिए खाना पकाने में एक्स्ट्रा वर्जिन ऑर्गैनिक कोकोनट ऑयल का इस्तेमाल करें.
2-एप्पल, साइडर, विनेगर थायरॉइड के असंतुलन को पूरा करने में उपयोगी होते है. यह डीटॉक्सीफाइ करता है, एसिड-एल्कलाइन बैलेंस को बनाए रखता है, हार्मोंस को संतुलित करके मेटाबॉलिज़्म को बेहतर बनाता है, वज़न नियंत्रण में रखता है.
3 बड़ी चम्मच ऑर्गैनिक एप्पल साइडर विनेगर को एक ग्लास गर्म पानी में मिलाएं. थोड़ा शहद भी मिला लें. नियमित रूप से इसका सेवन करें.
4- हाइपोथायरॉइडिज़्म के लिए प्राणायाम- शीतली प्राणायाम, उज्जयी और नाड़ी शोधन, हर तरह की ब्रीदिंग एक्सरसाइज़, योग निद्रा व ध्यान लाभदायक हैं.
5-लेकिन किसी भी तरह के थायरॉइड में योग व एक्सरसाइज़ बिना डॉक्टरी सलाह व बिना एक्सपर्ट की देखरेख के शुरू न करें.
6-नाश्ता करते समय रोज़ दूध में 2 चम्मच कोकोनट ऑयल मिक्स करके पीएं.
7-फिश ऑयल भी थायरॉइड हार्मोंस के निर्माण में उपयोगी होता है.
8-अदरक ज़िंक, मैग्नीशियम और पोटैशियम से भरपूर होता है. यह थायरॉइड ग्लांड्स की कार्यशैली को बेहतर बनाता है. अपने खाने में या सूप में अदरक के टुकड़े डालकर इसे अपने डायट में शामिल करें या फिर अदरक को पानी में उबालकर गर्म जिंजर टी का सेवन करें. इसमें आप शहद भी मिला सकते हैं.
9- विटामिन बी थायरॉइड ग्लांड्स को हेल्दी रखता है. शोधों में पाया गया है कि जो लोग हाइपोथायरॉइडिज़्म से ग्रसित हैं, उनमें विटामिन बी12 की कमी भी पाई जाती है.
10-योग व प्राणायाम से थायरॉइड हार्मोंस का स्तर सामान्य बना रहता है. हाइपर व हाइपो दोनों ही थायरॉइड में योग से फ़ायदा है, लेकिन दोनों के लिए पोज़ अलग-अलग हो सकते हैं, इसलिए किसी योग गुरु से पूछकर उनकी देखरेख में ही यह करें.
11- हाइपरथायरॉइडिज़्म के लिए सेतुबंधासन, शिशु आसन, शवासन, मार्जारि आसन और सूर्य नमस्कार फ़ायदेमंद हैं.

हाइपरथाइरॉइडिस्म (Hyperthyroidism)

इसका सबसे मुख्य कारण हॉर्मोन्स की मात्रा शरीर में बढ जाना होता हैं। जिस कारण TSH का प्रणाण कम होता हैं। यह बीमारी पुरूषों की अपेक्षा महिलाओं में 5 से 10 गुना अधिक होता हैं।

हाइपरथाइरॉइडिस्म (Hyperthyroidism) के लक्षण- Symptoms of Hyperthyroidism

आप एक ही बार में सारे लक्षण अपने अंदर नहीं पाएंगे। लेकिन अगर आपको एक से ज़्यादा लक्षण के होने का अहसास हो,  तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएँ।

Hyperthyroidism के ज्यादातर मरीजों में थायराइड बड़ा हो जाता है, जिसे हम घेंघा या goitre भी कहते हैं। ऐसे में आपको गले के अगले भाग में एक लम्प दिखाई या महसूस होता है।

कुछ लक्षण इस प्रकार हैं-

  • दिल की धड़कन का तेज होना
  • घबराहट और चिड़चिडापन
  • पसीना का ज्यादा आना
  • सोने में दिक्तत होना
  • आंखों का बाहर निकलना
  • मांसपेशियों में कमचोरी हो जाना
  • बालों का झड़ना
  • बजन तेजी से कम होना
  • ऊंगलियों के नाखूनों का तेजी से बढ़ना
  • त्वचा में परिवर्तन

हाइपरथाइरॉइडिस्म बीमारी का पता कैसे चलता हैं-
इनका पता कुछ टेस्ट्स से चल जाता हैं-

  • रेडियोएक्टिव आयोडीन अपटेक टेस्ट
  • थायराइड स्कैन
  • Thyroid-stimulating hormone (TSH) Blood test
  • थायराइड अल्ट्रासाउंड

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हाइपरथायरायडिज्म का इलाज  / Hyperthyroidism Treatment in Hindi

1-पत्तागोभी में भी में पर्याप्त मात्रा में गॉइट्रोजेन्स होते हैं. यदि पत्तागोभी सलाद के रूप में या कच्चा खाने पर लाभ होगा।
2-बेरीज का उपयोग अपने खाने में जरूर करें क्योंकि क्योंकि सभी प्रकार की बेरीज़- ब्लू बेरीज़, स्ट्रॉबेरीज़, ब्लैक बेरीज़ और चेरी आदि थायरॉइड ग्लांड्स को हेल्दी रखती हैं.– अगर आपको सोया प्रोडक्ट्स पसंद नहीं, तो नट्स, अंडे और फलियों को डायट में शामिल करें.
3- ओमेगा 3 फैटी एसिड्स ज़रूरी है. यदि आपके शरीर को यह नहीं मिल रहा, तो हार्मोंस में असंतुलन होगा. आप फ्लैक्स सीड्स, अखरोट और मछलियों के सेवन से इसे प्राप्त कर सकते हैं.
4-आंवला थायरॉइड को कंट्रोल करने में बहुत कारगर है. आंवला पाउडर में शहद मिलाकर रोज़ सुबह नाश्ते से पहले लें.
5- प्रीज़र्वेटिव्स युक्त, अधिक शक्कर व मैदा से बने पदार्थ खाने से बचें, जैसे- पास्ता, व्हाइट ब्रेड आदि.ब्रोकोली में गॉइट्रोजेन्स और आइसोथायोसाइनेट्स नामक तत्व होते हैं, जो थायरॉइड के निर्माण पर अंकुश लगाते हैं. अपने थायरॉइड हार्मोंस को नियंत्रित रखने के लिए जितना अधिक हो सके, सलाद के रूप में ब्रोकोली का कच्चा ही सेवन करें.
6- सोया प्रोडक्ट्स भी फ़ायदेमंद हैं, क्योंकि यह प्रोटीन से भरपूर होते हैं. प्रोटीन थायरॉइड हार्मोंस को दूसरे बॉडी टिश्यूज़ में ट्रांसपोर्ट कर देते हैं.

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